मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड के हरित, आत्मनिर्भर और ऊर्जा सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट के दौर में सौर ऊर्जा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तराखण्ड ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले प्राप्त कर लिया है। राज्य में वर्ष 2024 से अब तक सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है और करीब 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम जनता के बिजली खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

